श्री राम कथा के सप्तम दिवस पर धनुष भंग और श्री राम बारात का सजीव चित्रण, भाव-विभोर हुए श्रद्धालु*
*श्री राम कथा के सप्तम दिवस पर धनुष भंग और श्री राम बारात का सजीव चित्रण, भाव-विभोर हुए श्रद्धालु*
श्री रामायण मंदिर माधव बाड़ी में चल रही संगीतमय श्री राम कथा के सप्तम दिवस पर आज भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूज्य श्री धन्वंतरि दास महाराज जी ने कथा के प्रमुख प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया।
महाराज श्री ने बताया कि कैसे जनकपुर में माता सीता के स्वयंवर में भगवान श्री राम ने शिव धनुष को भंग कर माता जानकी का वरण किया। धनुष भंग के प्रसंग पर पंडाल "जय श्री राम" के जयघोषों से गूंज उठा। इसके पश्चात भगवान परशुराम संवाद का प्रसंग सुनाया गया, जिसमें महाराज जी ने क्रोध और विनम्रता के संतुलन की सुंदर व्याख्या की।
कथा के अंतिम पड़ाव में भगवान श्री राम की बारात अवध से जनकपुरी जाने के अलौकिक वर्णन पर कथा को आज विश्राम दिया गया। बारात के प्रसंग पर श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर खुशी मनाई और नृत्य किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के समापन पर महाआरती एवं प्रसाद वितरण किया गया।