लकड़ी के बन्द कारखाने में मिला 30वर्षीय युवक का शव
लकड़ी के बन्द कारखाने में मिला 30वर्षीय युवक का शव
एक महीने से था गायब, कारखाने के बाहर लगा था ताला
मौके पर पहुंचे आला अधिकारी, जांच जारी
फर्नीचर के बंद कारखाने में युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। इसकी जानकारी कारखाने के मालिक की पत्नी ने यूपी 112 को दी। सूचना पर पुलिस अधीक्षक नगर रवीन्द्र कुमार, क्षेत्राधिकारी द्वितीय आशीष प्रताप सिंह व किला पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने इस प्रकरण में कुछ लोगों से पूछताछ की है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पता चलेगा कि युवक की मौत किस तरह और किन हालातों में हुई है। बताया जाता है कि युवक के पैर में सेफ्टिक थी। फोरेंसिक टीम भी घटना स्थल पर पहुंची। किला क्षेत्र के मोहल्ला बाकरगंज नई बस्ती में रहने वाले मुजीब का कारखाना है। इस कारखाने को मुजीब की पत्नी शाकरा का भतीजा उवैश चलाता है, लेकिन कारखाना ईद के बाद से बंद है। उवैश बाहर चला गया। मंगलवार को मुजीब की पत्नी शाकरा फर्नीचर कारखाने के गोदाम की सफाई करने के लिए गई थी। वहां पर शाकरा को बदबू महसूस हुई तो उसने आगे बढ़कर देखा। वहां काली पॉलीथिन के नीचे एक नर कंकाल सड़ी गली अवस्था में पड़ा था। बताया जाता है कि मांस पूरी तरह से हट गया था। पैर को छोड़कर बाकी हड्डी ही रह गई थीं। शव को देखते ही शाकरा ने यूपी 112 को सूचित किया। मौके पर किला इंस्पेक्टर अरुण कुमार श्रीवास्तव पुलिस बल के साथ पहुंचे। शव मिलने की सूचना पर एसपी सिटी रवीन्द्र कुमार व सीओ द्वितीय भी पहुंच गए। पूछताछ में हनीफ व फातमा ने शव की शिनाख्त अपने भाई बड़े के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने वहां मेज पर रखे कपड़े व अन्य सामान कब्जे में लेकर गोदाम बंद करा दिया। उधर पुलिस ने दो तीन लोगों से पूछताछ की है। पूछताछ में कोई ठोस वजह सामने नहीं आई है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है, हालांकि बड़े की किसी से रंजिश नहीं थी। इस बात से उसके भाई ने भी इनकार किया है। उसके पैर में सेफ्टिक थी। सेफ्टिक से भी मौत हो सकती है। फोरेंसिक जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि बड़े की मौत किस तरह से हुई है।
अरुण कुमार श्रीवास्तव
इंस्पेक्टर किला