आयुष्मान योजना से बाहर होंगे 225 से ज्यादा अस्पताल
आयुष्मान योजना से बाहर होंगे 225 से ज्यादा अस्पताल
240 अस्पताल थे योजना से संबद्ध, सौ से ज्यादा बेड वाले बमुश्किल 15
बरेली। आयुष्मान योजना में सरकार के छोटे अस्पतालों पर बड़े अस्पतालों को तरजीह देने से जिले के ऐसे करीब सवा दो सौ अस्पतालों के योजना के दायरे से बाहर निकलना तय हो गया है, जिनमें सौ से कम बेड हैं। आईएमए ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। सरकार के नए आदेश के बाद आठ फरवरी को उन्हीं अस्पतालों को इस योजना से संबद्ध रखा जाएगा जिनमें सौ से ज्यादा बेड होंगे और स्वास्थ्य विभाग में जिनका पंजीकरण तीन साल या उससे ज्यादा समय से होगा।जिले में फिलहाल आयुष्मान योजना में 240 अस्पताल सूचीबद्ध हैं, इनमें 180 निजी और 60 सरकारी अस्पताल हैं। इनमें सौ बेड से ज्यादा वाले अस्पतालों की संख्या बमुश्किल 15 ही है। इससे साफ है कि नया आदेश लागू होने के बाद सवा दो सौ से ज्यादा अस्पताल योजना से बाहर हो जाएंगे। आईएमए सचिव डॉ. गौरव गर्ग का कहना है कि इस आदेश से छोटे अस्पतालों के साथ मरीज भी प्रभावित होंगे। नाक, कान गला या आंख जैसे कुछ अस्पताल एक डॉक्टर ही चलाता है और उनमें सौ बेड नहीं होते। नए आदेश से बड़े अस्पतालों को ही फायदा होगा। इसलिए इसे बदला जाना चाहिए।
जिले में अब तक आयुष्मान योजना से संबद्ध रहे सौ से ज्यादा बेड वाले अस्पताल दस से ज्यादा हैं। नए आदेश के तहत अब सौ से कम बेड और तीन साल से कम पंजीकरण वाले अस्पतालों को योजना से नहीं जोड़ा जाएगा।
डॉ. अनुराग गौतम
जिला समन्यवक आयुष्मान योजना