Thursday, 05-11-2026
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टीबी आंदोलन को मजबूत करने के लिए किया गया जागरूक

टीबी आंदोलन को मजबूत करने के लिए किया गया जागरूक


चार दिवसीय कार्यशाला मे टीबी उन्मूलन पर हुई चर्चा



बरेली।         टीबी आंदोलन को मजबूत करने के लिए जनपद के एक निजी होटल में चार दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ के.के.मिश्रा की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग एवं वर्ल्ड विजन के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में टीबी को वर्ष 2025 तक खत्म करने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए। इस पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यशाला का संचालन वर्ल्ड विजन संस्था से जिला सामुदायिक समन्वयक ने किया। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि ट्यूबर क्लोसिस संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आकार जाने अनजाने अन्य लोगो को भी संक्रमित करता हैं। इसका इलाज हो सकता है। इसकी जांच और इलाज जल्दी शुरू किया जाए। टीबी की दवा का नियमित सेवन बहुत जरूरी है क्योंकि दवा बीच में ही छोड़ देने से टीबी गंभीर रूप ले सकता है और यह एमडीआर और एक्स्ट्रा टीबी में परिवर्तित हो सकता है इसीलिए इसका पूरा इलाज जरूरी करें। उन्होंने बताया कि ऐसे तो 40% आबादी में टीबी बैक्टीरिया होते हैं लेकिन सही खानपान और पोषण से वह बीमारी के रूप में परिवर्तित नहीं हो पाते। कार्यक्रम का संचालन कर रही मुक्ता शर्मा ने बताया कि कार्यशाला के माध्यम से टीबी में कार्य कर रहे कर्मियों को व्यवस्थित ढंग से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने बताया कि जो लोग टीबी से सही हो चुके हैं उनको टीबी चैंपियन के रूप में आगे लाकर उन के माध्यम से  अन्य टीबी ग्रसित लोगों को इलाज के प्रति प्रोत्साहित किया जा सकता है ।उन्होंने बताया कि इस तरह का प्रयास वर्ड विजन द्वारा राज्य के 15 जनपदों में किया जा रहा है कार्यशाला में प्रतिभाग लेने वाले टीबी चैंपियन श्री अमित उपाध्याय ने बताया कि वह पिछले साल ही टीबी से ग्रस्त हुए थे पिता की मृत्यु के बाद खुद पर ध्यान ना देकर वह  इस हालत में आ गया था लेकिन उन्हें पता था कि टीबी का पूरा इलाज लेना बहुत जरूरी है टीबी का पूरा कोर्स करके मरीज़ इलाज से पूरी तरह सही हो जाता है साथ ही वह अन्य लोगों को इलाज ना छोड़ने के लिए प्रेरित कर रहा है।

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