2010 हुए दंगे पर कोर्ट द्वारा दिए आदेश के बाद हड़कंप
2010 हुए दंगे पर कोर्ट द्वारा दिए आदेश के बाद हड़कंप
इंस्पेक्टर सहित 11 आरोपियों की होगी गिरफ्तारी
26 फरवरी तक आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के आदेश
बरेली। 2010 में होली के दौरान बरेली में हुए दंगे और कोहाड़ापीर पुलिस चौकी फूंकने के मामले में कोर्ट ने एक इंस्पेक्टर सहित 11 दंगे के आरोपियों की गिरफ्तारी का आदेश दिया है। फास्ट ट्रैक प्रथम कोर्ट के जज रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट ने फरार आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। 2 मार्च 2010 को जुलूस- ए-मोहमदी के दौरान हुई तकरीर में जमकर बवाल हुआ था। दंगाइयों ने दुकानों के साथ कोहाड़ापीर पुलिस चौकी को भी फूंक दिया था। बलवे में तत्कालीन सीओ आंवला पीएस पांडेय, थानाध्यक्ष भमोरा राजेश तिवारी, सिपाही राहुल और ब्रजेश समेत काफी संख्या में लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। थाना प्रेमनगर में तैनात इंस्पेक्टर करन सिंह ने डॉ. नफीस, तनवीर नियाजी, लईक नियाजी, साजिद समेत 183 के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद आरोपी शहजादे, यासीन, शानू, अनवर अली, आदिल, इमरान, रिजवान, दानिश, नाजिम, हसीन रजा, राजू, हसन, शोबी रजा, नईम, शानू, शन्नू खा, शाहरूख खा, फैजी, सरवर खा, फाजिल रजा, रिजवान, अनवर, ईशान, राशिद, शमीम खां, इमरान खां, कामरान, आदिल, वसीम, रफ़त अली, शबाब हैदर, सलीम, अलीम, इमरान, शाहीन, इफ्तेखार फरहूद आदि के खिलाफ चार्जशीट पेश कर कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई थी। इस केस में 12 की गवाही पूरी हो चुकी है। विवेचक इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र यादव की गवाही चल रही है। आरोपी फाजिल रजा, शाहरूख, बाबू खां, ईशान, आरिफ, अमजद, निसार अहमद, अबरार, नाजिम, इमरान और कौसर गैर हाजिर हो गए। कोर्ट ने सभी 11 आरोपियों की गिरफ्तारी को वारंट जारी किए हैं।