Wednesday, 04-11-2026
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साहू रामस्वरूप में किया गया दो दिवसीय ‘राष्ट्रीय संगीत कार्यशाला’ का आयोजन

साहू रामस्वरूप में किया गया दो दिवसीय ‘राष्ट्रीय संगीत कार्यशाला’ का आयोजन 

उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा अनुदानित है कार्यक्रम


बरेली।    साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय बरेली में आयोजित उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा अनुदानित दो दिवसीय ‘राष्ट्रीय संगीत कार्यशाला’ का आयोजन संगीत विभाग द्वारा किया गया। कार्यशाला का विषय “शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय बंदिशों में सौंदर्य वर्धन के नवीन आयाम एवं प्रयोग” रहा। इस कार्यशाला के उद्घाटन का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रो. मनीषा राव, वीरांगना अवंतीबाई लोधी महिला महाविद्यालय, विशिष्ट अतिथि डॉ. शशिबाला राठी, पूर्व प्राचार्या एवं प्रबंध समिति सदस्य, साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय, अतिविशिष्ट अतिथि प्रो. संध्या सक्सेना, वीरांगना अवंती बाई लोधी महाविद्यालय बरेली, कार्यशाला की विषय विशेषज्ञ,कलाकार एवं मुख्य वक्ता प्रो. रीता देव, संगीत विभाग, आगरा कॉलेज आगरा, प्राचार्या प्रो. अनुपमा मेहरोत्रा, संयोजिका प्रो. शशि शुक्ला, सह-संयोजक प्रो. रुचि गुप्ता और प्रो. ज्योति शर्मा, आयोजन सचिव डॉ. आकांक्षा रस्तोगी, सह-सचिव डॉ. प्रीति सिंह एवं डॉ. दीपशिखा सिंह द्वारा मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन, माल्यार्पण तथा सरस्वती वंदन साथ किया गया। सरस्वती वंदना एम.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा अपर्णा मिश्रा, सृष्टि दीक्षित एवं मिष्टी ने प्रस्तुत किया, तबले पर संगत बृजेश ने दी। तत्पश्चात मुख्य अतिथि सहित अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर अनुपम मेहरोत्रा के द्वारा पुष्प गुच्छ भेंट कर किया गया। कार्यशाला में महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका “ज्ञानांजलि” का विमोचन भी किया गया।ज्ञानांजलि पत्रिका के संपादन में डॉ. प्रतिभा पांडेय, डॉ. अनीता, श्रीमती श्वेता मौर्य, डॉ. बीना यादव, डॉ.गीता अग्रवाल तथा श्रीमती शिल्पी शर्मा का पूर्ण सहयोग रहा। मुख्य अतिथि प्रो. मनीषा राव ने सभी प्रतिभागियों को कार्यशाला द्वारा “संगीत ज्ञान” की बारीकियों से लाभान्वित होने की शुभकामना प्रेषित की। प्राचार्या ने मुख्य अतिथि का सम्मान स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। कलाकार एवं मुख्य वक्ता तथा बनारस घराने की अद्भुत प्रतिभा की धनी प्रो. रीता देव ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. चितरंजन ज्योतिषी  एवं गिरिजा देवी की शिष्य परंपरा से संगीत की शिक्षा-दीक्षा ग्रहण किया है यह बताते हुए उन्होंने बनारस घराने की परंपरा ध्रुपद, धमार, ख्याल, ठुमरी गायन शैली के बारे में परिचय दिया। इसके पश्चात ठुमरी को बनारस घराने का विरासत बताते हुए सर्वप्रथम राग विलासखानी तोड़ी, तीन ताल में बड़ा ख्याल प्रस्तुत किया, जिसके बोल थे “कब घर आयेंगे, मोहन प्यारे”। तत्पश्चात ठुमरी का अर्थ ‘ठुमकना’ बताते हुए ठुमरी की उत्पत्ति, ठुमरी के प्रकार, बोल बाट की ठुमरी एवं बोल बनाव की ठुमरी के बारे में समझाते हुए उदाहरण स्वरूप बोल बात की ठुमरी किया मध्य लय में प्रस्तुत किया जिसके बोल थे  “ना मानूंगी, ना मानूंगी, ना मानूंगी उनके मनाएं बिना”। तत्पश्चात राग देश में बोल बनाव की ठुमरी की बंदिश को उदाहरण स्वरूप प्रस्तुत करते हुए प्रतिभागियों को सिखाया जिसके बोल थे “हे मां कारी बदरिया बरसे, पिया नहीं आए”। इसके पश्चात उन्होंने प्रतिभागियों को उपशास्त्रीय संगीत की विधा कजरी की बंदिश जो स्वर्गीय गिरिजा देवी जी के स्वयं की बंदिश है, को गाकर बताया जिसके बोल थे “काहे करे लु  ‍गुमान गोरी सावन में, अखियां तोरी है कटीली बतिया बड़ी है रसीली”। द्वितीय सत्र का आरंभ मुख्य वक्ता प्रो. रीता देव ने दीपचंदी ताल में चैती की प्रस्तुति देकर किया जिसके बोल थे “चतुर्मास बोलेले हो कोयलिया हो रामा मोरे अंगनवा”। इसके पश्चात उप शास्त्रीय संगीत की अति मनोहारी विधा होरी की प्रस्तुति देकर प्रतिभागियों का मन मोह लिया जिसके बोल थे “रंग डारूगी नंद के लालन पे, सांवरे रंग लाल करी डारी हो”। हारमोनियम संगतकार श्री टुकमनी सेन धनबाद झारखंड, तबला संगतकार डॉ. गुरमीत सिंह मनकान, संगीत विभाग, बरेली कॉलेज बरेली ने सुंदर संगति की। इसके पश्चात प्रथम दिवस के द्वितीय सत्र के समापन पर विशिष्ट अतिथि डॉ. शशिबाला राठी जी ने मुख्य वक्ता प्रो. रीता देव जी को रागिनी की उपाधि देते हुए दीपोत्सव रुपी भाव से धन्यवाद अर्पित किया। तत्पश्चात प्रो. शशिबाला राठी ने मुख्य वक्ता प्रो. रीता देव को तथा प्राचार्या अनुपमा मेहरोत्रा ने डॉ. शशिबाला राठी जी को  स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यशाला में उपस्थित विद्वज्जनों में डॉ. शोभा कुदेशिया, डॉ. राधा कुदेशिया, जयश्री मिश्रा बरेली कॉलेज बरेली, डॉ. कल्पना श्रीवास्तव बरेली कॉलेज बरेली, कविता भटनागर एसएस कॉलेज शाहजहांपुर, सुश्री नम्रता लता आर्य महिला महाविद्यालय शाहजहांपुर, रजनी भटनागर सेवानिवृत्त संगीत विभागाध्यक्ष, साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय उपस्थित रहीं। इस कार्यशाला में लगभग 119 प्रतिभागियों ने प्रतिभागिता की जिसमें 33 छात्राओं ने ऑनलाइन व 86 छात्राओं ने ऑफलाइन माध्यम से रजिस्ट्रेशन किया। जिसमें साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय बरेली, बरेली कॉलेज बरेली, अवंतीबाई महाविद्यालय, एसएस कॉलेज एवं आर्य महिला महाविद्यालय शाहजहांपुर, हिंदू गर्ल्स कॉलेज मुरादाबाद, राजकीय महिला महाविद्यालय सम्मिलित है। कार्यशाला के अंत में प्राचार्या प्रोफेसर अनुपम मेहरोत्रा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया। मंच का संचालन डॉ आकांक्षा रस्तोगी द्वारा किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम की रिपोर्टिंग डॉ. प्रीति सिंह, डॉ. बीना यादव व डॉ. अनीता के सहयोग से की गई। कार्यशाला में महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाओं ने शामिल होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

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