अवैध निर्माण पर कार्रवाई रुकी, प्राधिकरण की भूमिका पर सवाल
अवैध निर्माण पर कार्रवाई रुकी, प्राधिकरण की भूमिका पर सवाल
नगर निगम की जमीन पर निर्माण का आरोप, एनओसी के बिना मानचित्र स्वीकृति की चर्चा
संवाददाता मनोज शर्मा
बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की ओर से अवैध निर्माण के खिलाफ सख्ती के दावे किए जा रहे हैं। वीसी की ओर से जारी विज्ञप्ति में एआई की मदद से अवैध निर्माण चिन्हित कर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की बात कही गई है। वहीं अक्षय विहार तालाब के बराबर, बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने कथित अवैध निर्माण को लेकर प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
आरोप है कि यहां संदीप झाबर की ओर से बड़ा निर्माण कराया जा रहा है। प्राधिकरण के एई विनोद कुमार से जानकारी लेने पर कथित तौर पर बताया गया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई रोक दी गई है। हालांकि ऐसे किसी लिखित निर्देश को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
विभागीय सूत्रों का दावा है कि प्राधिकरण में टोकन मनी के नाम पर कुछ लाख रुपये जमा किए गए हैं। इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं यह भी बताया जा रहा है कि निर्माण वाली जमीन नगर निगम की है और नगर निगम ने अभी तक एनओसी जारी नहीं की है। ऐसे में सवाल है कि नगर निगम की भूमि पर बीडीए मानचित्र कैसे स्वीकृत करेगा?
बीडीए तालाबों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की योजना पर भी काम कर रहा है। जीआईएस रिकॉर्ड से भविष्य में तालाब की जमीन पर होने वाले नए निर्माण की निगरानी आसान होगी। ऐसे में इस मामले में बीडीए को जमीन के स्वामित्व, एनओसी और मानचित्र की स्थिति स्पष्ट करनी होगी। अब नजर वीसी की कार्रवाई पर है।