खतरों के खिलाड़ी’ पैर फिसला तो चली जाएगी जान, पर जिम्मेदारों को क्या
खतरों के खिलाड़ी’ पैर फिसला तो चली जाएगी जान, पर जिम्मेदारों को क्या
स्काईवॉक के उपरी हिस्से में बिना किसी सुरक्षा उपकरण के चल रहा मजदूर
बरेली। पटेल चौक पर निर्माणधीन स्काईवॉक के उपरी हिस्से में एक मजदूर खतरों का खिलाड़ी का रोल निभा रहा है। बिना किसी सुरक्षा उपकरण के टीन की सुरंग के उपर टीन पर चल रहा है, अगर पैर फिसला तो जान जाना तय है। इस ओर अफसर भी कोई गौर नहीं कर रहे हैं, कर्मचारियों की इस लापरवाही का खामियाजा अफसरों को भुगतना पड़ सकता है। विभागीय अधिकारियों को कुतुबखाना पुल हादसे से कुछ सीख लेना चाहिए क्योंकि सिर्फ लापरवाही में दो लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी।
स्मार्ट सिटी के तहत स्काई वॉक के निर्माण पर ११.३४ करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसका ८० फीसदी काम पूरा हो चुका है। कुछ समय में ही बरेली में दिल्ली की तरह पैदल चलने वालों के लिए बाजार तैयार हो जाएगा। स्काई वॉक पर बैठने की व्यवस्था भी होगी। इसके लिए उसे जालियों से पूरी तरह बंद किया जाएगा। लोग आते-जाते खाने-पीने का सामान खरीद सकें, इसके लिए एक निश्चित दूरी पर बेंच लगाई जाएंगी। खास बात यह है कि इसका निर्माण कर रहे मजदूर खुद को खतरों का खिलाड़ी समझ बैठे हैं। टीन की सुरंग के उपरी हिस्से में टीन पर चढक़र मजदूर एक्शन दिखा रहा था, गनिमत रही कि पैर नहीं फिसला अगर पैर फिसल जाता तो जान जाना लगभग तय थी। एक तरफ अफसर कह रहे हैं कि अगर कोई मजदूर सुरक्षा से खिलवाड़ करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन यह मजदूर अपनी जान की परवाह किए बगैर उपर चढ़ा हुआ है इस पर किसी तरह का एक्शन नहीं लिया जा रहा है।