दबिश देने गई पुलिस ने की मारपीट, गर्भवती को भी पीटा
दबिश देने गई पुलिस ने की मारपीट, गर्भवती को भी पीटा
पीड़ित ने शिकायत पत्र देते हुए पुलिस पर लूट का भी लगाया आरोप
बरेली। थाना हाफिजगंज ऊदेशिया में रहने वाले मोहम्मद इस्माइल पुत्र कुतुबुद्दीन ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देते हुए थाना हाफिजगंज पुलिस पर आरोप लगाया है पीड़ित ने बताया कि 15 जुलाई 2022 की रात लगभग 1:00 बजे 30 से 40 पुलिसवाले अचानक आकर दरवाजा पीटने लगे एवं दरवाजे पर डंडा मारने लगे जिससे वह घबरा गया और उसने छत से जाकर देखा कि बाहर कौन है पुलिस के होने पर पीड़ित ने दरवाजा खोल दिया जिस पर दरवाजा देर से खोलने की बात कहते हुए पुलिस ने डंडे से बुरी तरह पिट डाला जिससे पीड़ित के हाथ टांग एवं कूल्हों पर काफी निशान आए और पीड़ित के दर्द भी हो रहा है मारपीट के बाद पुलिस ने वसीम के बारे में पूछा कि वसीम कहां है जब पीड़ित ने बताया कि वसीम यहां नहीं है उसकी पत्नी यही रहती है इस पर वे जबरन थाने ले जाने लगे पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वसीम बरेली के किसी फैक्ट्री में काम करता है और यहां पर उसकी पत्नी रहती है और पीड़ित वहां का मूल निवासी नहीं है किराए पर रहता है इस पर पुलिस ने मारपीट के बाद पीड़ित को छोड़ दिया और अपना मोबाइल नंबर दिया कि वसीम के बारे में कोई भी जानकारी हो तो बता देना। जब पीड़ित घर पहुंचा तो देखा कि कुछ महिला पुलिस एवं अन्य पुलिसकर्मी वसीम की पत्नी अनम एवं जावेद की पत्नी गुलशन को बुरी तरह पीट रहे थे साथ ही पीड़ित ने बताया कि वसीम की पत्नी अनम को घसीटते हुए मारपीट की गई जबकि वह गर्भवती है। पुलिस वालों ने अलमारी में रखा हुआ 43500 नगद लूट लिया और आनंद का ओप्पो कंपनी का मोबाइल भी अपने साथ ले गए पुलिस की मारपीट से अनम की हालत बिगड़ गई है एवं पुलिस ने वसीम को कब्जे में देने की बात कहते हुए और बात ना मानने पर जेल में सड़वाने की धमकी दी है जब परिवार ने वसीम का कसूर पूछा तो पुलिस ने कुछ नहीं बताया। इसी के साथ पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले रखा है छोड़ने के बदले ₹100000 की मांग कर रहे हैं जिससे परेशान होकर पीड़ित पक्ष ने एसएसपी को गुहार लगाते हुए मामले की जांच करने एवं आरोपी पुलिस वालों पर कार्रवाई की मांग की है