तो क्या स्मार्ट सिटी पर होना चाहिए 302 का मुकद्दमा
तो क्या स्मार्ट सिटी पर होना चाहिए 302 का मुकद्दमा
लाखों पौधों की हो चुकी है हत्या, बाकी को भी रखा जा रहा प्यासा
वन एवं पर्यावरण मंत्री के शहर में ही हो रही लापरवाही
बरेली। एक तरफ कुछ समय पहले ही देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में कई लाख पौधे लगाकर पर्यावरण को बढ़ावा देने की मुहिम चलाई थी जिसके तहत तमाम छोटे मोटे नेता व तमाम संस्थाओं ने कुछ पौधे लगाकर फ़ोटो अखबारों में छपवाकर व शोशल मीडिया पर डालकर वाह वाही लूटी थीं वहीँ सिटी को स्मार्ट बनाने वाली स्मार्ट सिटी की तरफ से भी तमाम डिवाईडर व ओवरब्रिज के पिलर पर हरियाली दिखाने के लिए करोड़ो रूपये खर्च कर लाखों पौधे लगवा दिए। बात भी सही है कमीशन तो मिलेगी न । पर जहां किसी भी प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए सम्बंधित तजुर्बेकारो की राय ली जाती है तो इसमें ली नहीं और अगर ली तो लाखों पौधे मर कियूँ गए शायद इसका जवाब किसी के पास नहीं। जो पौधे बिचारे बचे हैं वह भी प्यासे जिन्दगी व मौत के बीच जूझ रहे हैं। अगर यह माने की यह इंसान को जीवन देते हैं और इनमें भी जीवन होता है तो लाखों पौधों की हत्या पर 302 की एफआईआर तो बनती है।
मैं तत्काल स्मार्ट सिटी वालों से बात करता हूँ कि जो पौधे लगाए गए हैं उनकी देखरेख भी करें। और नहीं कर सकते तो कोई जरूरत नहीं पौधे लगाने की। पौधों के साथ इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं कि जाएगी। न मानने पर ऊपर भी शिकायत की जाएगी।
डॉ अरुण कुमार
वन एवं पर्यावरण मंत्री