सब्सिडी बढ़ने का किसानों को फायदा कहाँ है: रवि नागर
सब्सिडी बढ़ने का किसानों को फायदा कहाँ है: रवि नागर
बरेली। सरकार द्वारा डीएपी खाद पर सब्सिडी बढ़ाए जाने को लेकर किसानों को राहत देने की जो बात कही जा रही है। उस पर किसान नेता डॉ रवि नागर ने कहा है की पिछले वर्ष जब सब्सिडी 500 रूपये थी तब किसानों को डीएपी 1200 रुपये में उपलब्ध हो रही थी। और आज जब सब्सिडी 500 रूपये से बढ़ाकर 1200 रूपये हो गई है। तब भी किसान को यही बोरी 1200 रुपये में ही मिलेगी तो किसान को बढ़ी हुई सब्सिडी का फायदा कहाँ मिला। अगर सही मायने में देखा जाए तो सब्सिडी बढ़ने का फायदा खाद बनाने वाली कंपनियों को मिला है। अगर यह फायदा किसान को दिया होता तो किसान को डीएपी 1200 रुपए से कम में मिलनी चाहिए।
अब किसान खरीफ की फसल बोने की तैयारी कर रहा है। जिसमें बड़ी मात्रा में डीएपी और यूरिया की आवश्यकता होगी। किसान एकता संघ के प्रदेश प्रभारी डॉ रवि नागर ने मांग की है कि पिछले वर्ष की भांति किसानों का समय से भरपूर खाद मिलनी चाहिए। जिस तरीके से पिछले वर्ष डीएपी खाद के साथ सहकारी समिति के संचालको ने किसान को एक डीएपी बोरी के साथ एक एंजाइम का कट्टा लेने की बाध्यता की हुई थी और खाद की जमकर कालाबाजारी हुई। वह एक प्रकार से किसानों का शोषण है जिला कृषि अधिकारी और जिम्मेदार अधिकारियों को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि सरकारी समितियों के द्वारा इस तरीके की मनमानी किसान एकता संघ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा।