दुर्लभ बच्ची की गर्भ में ही मौत, अचंभे में पड़े डॉक्टर
दुर्लभ बच्ची की गर्भ में ही मौत, अचंभे में पड़े डॉक्टर
वजह पता करने के लिए स्किन बायोप्सी व केरिया टाइमिन जांच को लिए गए सैंपल
बच्ची देख टूटा गया परिवार, बमुश्किल समझाया
बरेली दुर्लभ आनुवांशिक त्वचा विकार (हार्लेक्विन इक्थियोसिस) से पीड़ित बच्ची का राजेंद्र नगर स्थित निजी अस्पताल में गुरुवार को जन्म हुआ। उसकी गर्भ में ही मृत्यु हो चुकी थी। बीमारी की वजह पता करने के लिए डॉक्टरों ने स्किन बायोप्सी और केरिया टाइमिन जांच के लिए सैंपल लिया है। परिजनों ने बताया कि शरीर पूरी तरह सफेद था। त्वचा जगह-जगह से फटी हुई थी। आंख की पलकें पलटी थीं। होंठ का विकास पूरी तरह नहीं हुआ था। मुंह में ऊपर के कई दांत भी निकल आए थे। डॉक्टर के मुताबिक, ऐसे जन्मे बच्चों को हार्लेक्विन इक्थियोसिस बेबी कहा जाता है। हार्लेक्विन बेबी के जन्म के मामले में डॉक्टरों का कहना है कि बरेली में वर्षों पहले इस तरह के बच्चे का जन्म हो चुका है। हालांकि, उसकी जान बची या नहीं इसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। बच्ची देख टूटा परिवार, डॉक्टर ने समझाया
बताते हैं कि फतेहगंज पश्चिमी के रहने वाले दंपति को जब बच्ची के मृत पैदा होने की जानकारी मिली तो उन्होंने उसे देखना चाहा। बच्ची को देख पूरा परिवार टूट सा गया। डॉक्टर ने उन्हें दुर्लभ बीमारी से ग्रसित होने की जानकारी दी। वजह बताई तो वे शांत हुए।