नवाबगंज में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान पर फिर गरमाई राजनीति
नवाबगंज में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान पर फिर गरमाई राजनीति
प्रशासन के आश्वासन फेल, सुनीता गंगवार ने जन आंदोलन की दी चेतावनी
161 गांवों के किसान होंगे आंदोलन में शामिल
बरेली। नवाबगंज क्षेत्र के ओसवाल गन्ना किसानों के दो वर्षों से लंबित बकाया भुगतान को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। किसान नेता सुनीता गंगवार ने नवाबगंज प्रशासन को पत्र सौंपते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन अपने लिखित आश्वासन पर पूरी तरह विफल साबित हुआ है। सुनीता गंगवार ने बताया कि प्रशासन के लिखित आश्वासन पर ही संस्था व किसानों ने पूर्व में धरना समाप्त किया था। उस समय प्रशासन ने बकाया भुगतान के लिए तीन माह का समय मांगा था, जिसकी मियाद 31 मार्च को पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक किसानों का भुगतान नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि प्रशासन किसानों के साथ छल कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि बकाया भुगतान को लेकर संस्था एक बड़ा जन आंदोलन करेगी, क्योंकि इस समस्या से नवाबगंज क्षेत्र के 161 गांवों के किसान प्रभावित हैं। किसानों को अपनी मेहनत की कमाई के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक की नीलामी पर लगाई गई आपत्ति को गलत बताते हुए कहा कि इसी को ढाल बनाकर किसानों के भुगतान को रोका गया। सुनीता गंगवार ने कहा कि अब 161 गांवों के किसान तहसील परिसर में पहुंचेंगे और तहसील बंद करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संस्था अध्यक्ष ने बताया कि वे गांव-गांव जाकर किसानों की व्यथा सुनेंगी। वहीं कोषाध्यक्ष वहीद अहमद ने कहा कि अधिकारी किसानों की पीड़ा समझने को तैयार नहीं हैं। इस दौरान राम रतन गंगवार, खेमकरण गंगवार, ब्रह्मानंद गंगवार और नेपाल सिंह गंगवार भी मौजूद रहे।