बदायूं रोड पर बिना मंडी शुल्क के दौड़ रहीं गल्ला लदी पिकअप, उठे सवाल
बदायूं रोड पर बिना मंडी शुल्क के दौड़ रहीं गल्ला लदी पिकअप, उठे सवाल
बरेली। बदायूं रोड पर गल्ले से लदी पिकअप गाड़ियां कथित तौर पर बिना मंडी शुल्क संबंधी औपचारिकताएं पूरी किए दौड़ रही हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इन वाहनों की जांच और निगरानी कौन कर रहा है?
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का आरोप है कि यदि गल्ले का परिवहन नियमों के विपरीत बिना आवश्यक मंडी शुल्क अथवा दस्तावेजों के हो रहा है, तो इससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंच सकता है। उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की ई-मंडी व्यवस्था में मंडी शुल्क/विकास सेस संबंधी देनदारियों का प्रावधान स्पष्ट रूप से दर्ज है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मंडी विभाग की मिलीभगत या लापरवाही के चलते गल्ले से भरी गाड़ियां बिना प्रभावी जांच के निकल रही हैं? यदि ऐसा है तो प्रतिदिन होने वाले कारोबार की जांच कर वास्तविक राजस्व नुकसान का आकलन किया जाना चाहिए।
हालांकि, मिलीभगत का आरोप अभी जांच का विषय है। संबंधित विभाग को बदायूं रोड पर गल्ला लदी पिकअप गाड़ियों की जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके पास वैध कागजात और मंडी संबंधी आवश्यक अभिलेख हैं या नहीं।
व्यापारियों की मांग है कि मंडी विभाग औचक चेकिंग अभियान चलाकर पूरे मामले की जांच करे और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करे, ताकि सरकारी राजस्व को होने वाले संभावित नुकसान पर रोक लग सके।
अब सवाल यह है—बदायूं रोड पर दौड़ रही इन गल्ला लदी गाड़ियों की जांच आखिर कब होगी?