जेनरिक व नशीली दवाओं से चल रहे नर्सिंग होम
जेनरिक व नशीली दवाओं से चल रहे नर्सिंग होम
मेडिकलों पर नहीं हो रही चेकिंग, परन्तु ऐसे अस्पतालों की एक लिस्ट तैयार
बरेली। जिले में औषधि निरीक्षकों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। जनप्रतिनिधि ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि औषधि निरीक्षक देहात में तो औपचारिक जांच व सैंपलिंग करते हैं, लेकिन शहर और देहात दोनों जगह नर्सिंग होम से जुड़े मेडिकलों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। कहा गया है कि इन नर्सिंग होम के मेडिकलों पर नकली और नशीली दवाइयां खुलेआम बिक रही हैं। चूंकि यह दवाइयां सीधे अस्पतालों में ही खपत होती हैं, इसलिए उनकी जांच शायद ही कभी की जाती है। आरोप यह भी है कि औषधि निरीक्षक अपने निजी स्वार्थ पूरे करने के लिए ही ऐसे मेडिकलों पर जाते हैं और होली-दिवाली पर मेडिकल संचालक बड़े पैमाने पर उनकी मेहमाननवाजी करते हैं।
जनप्रतिनिधि ने मांग की है कि त्यौहारों से पहले औषधि निरीक्षकों के घरों और कार्यालयों की भी जांच हो, ताकि भ्रष्टाचार की परतें खुल सकें। वहीं, नगर मजिस्ट्रेट द्वारा कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद कुछ अधिकारी अपने विभाग का कामकाज टालकर इधर-उधर खिसक गए। अब निगाहें डीएम बरेली पर टिकी हैं कि वह इन आरोपों पर क्या कदम उठाते हैं।
“रूटीन चेकिंग की ही जाती है। अगर किसी की ओर से शिकायत मिलती है तो जांच कर कार्रवाई होगी। एक सूची तैयार की गई है, जिसके अनुसार जल्द ही विशेष अभियान शुरू किया जाएगा।”
संदीप कुमार
औषधि अधिकारी