क्या बरेली विकास प्राधिकरण के जेई व सुपरवाइजर थाना सुभाष नगर थाना कोतवाली क्षेत्र में करवा रहे हैं अवैध निर्माण
क्या बरेली विकास प्राधिकरण के जेई व सुपरवाइजर थाना सुभाष नगर थाना कोतवाली क्षेत्र में करवा रहे हैं अवैध निर्माण
थाना सुभाष नगर ब थाना कोतवाली क्षेत्र में अवैध निर्माण की बाढ़, जेई व सुपरवाइजर पर संरक्षण के आरोप
बरेली इन दिनों अवैध निर्माण तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में बिना मानकों और नक्शा पास कराए बहुमंजिला इमारतें खड़ी की जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
निवासियों का कहना है कि बरेली विकास प्राधिकरण के जेई (जूनियर इंजीनियर) और संबंधित सुपरवाइजर की मिलीभगत से यह अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी है। नियमों को दरकिनार कर संकरी गलियों और रिहायशी इलाकों में भी बड़े-बड़े निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में हादसों की आशंका बढ़ गई है। थाना कोतवाली क्षेत्र में टेलीफोन एक्सचेंज के बराबर एक बड़ा कमर्शियल निर्माण चल रहा है अक्षय बिहार तालाब के बराबर में बिना नक्शा पास कारण एक बड़े होटल का निर्माण बैंक ऑफ़ बडौदा के सामने एक बड़ा निर्माण बिना नगर निगम की NOCलिए जारी है आइसीआइसीआइ बैंक के सामने मानक को तक पर रखकर बेसमेंट का निर्माण चल रहा है आलम गिरीगंज में भी कई निर्माण बिना नक्शा पास कराये हो रहे हैं सब्जी मंडी कुतुब खाना में भी निर्माण कार्य बिना नक्शा पास कर चल रहा है थाना सुभाष नगर क्षेत्र में भी ऐसे कई बड़े निर्माण और कई बड़ी कॉलोनी काटी जा रही हैं मणिनाथ क्षेत्र में दुकान बनाई जा रही है जिनका नक्शा पास नहीं है बिना नक्शा पास कराये जेई व सुपरवाइजर की साठगांठ के चलते निर्माण कर चल रहे हैं क्या बरेली विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के संरक्षण में चल रहे हैं निर्माण
स्थानीय लोगों का कहना है
बिना नक्शा पास कराए निर्माण कार्य
कराये जा रहे हैं सरकार को हो रहा राजस्व का नुकसान
सुरक्षा मानकों की अनदेखी
शिकायत के बावजूद कार्रवाई का अभाव
लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इससे अवैध निर्माण करने वालों के हौसले और बुलंद हो गए हैं। अव देखना यह होगा कि बरेली विकास प्राधिकरण में आए नए अधिकारी इन भ्रष्ट्र जेई और सुपरवाइजर पर क्या कार्रवाई करते हैं
क्षेत्रवासियों की मांग
अवैध निर्माणों की जांच कर तत्काल रोक लगाई जाए
दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो
निर्माण नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए
यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह समस्या आगे चलकर बड़े हादसों और अव्यवस्था का कारण बन सकती है।