चिलचिलाती गर्मी ने बढ़ा दिए त्वचा के मरीज
चिलचिलाती गर्मी ने बढ़ा दिए त्वचा के मरीज
बचाव के लिए बरतें यह जरूरी सावधानी
बरेली। चिलचिलाती गर्मी में त्वचा के मरीजों की तादाद बढ़ गयी है | इस समय बच्चों से लेकर बड़ों तक को बाहर निकलना ही पड़ता है । बच्चों के स्कूल का समय भले ही कम कर दिया गया हो लेकिन धूप के कारण त्वचा सम्बन्धी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल में इस समय ओपीडी में हर रोज चर्म रोग के औसतन 100 से 120 मरीज पहुँच रहे हैं जबकि पहले यह संख्या करीब 60 से 70 हर रोज थी |
जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. त्रिभुवन प्रसाद ने बताया कि गर्मी के मौसम में त्वचा सम्बन्धी समस्याएं बढ़ जाती हैं। इन दिनों तेज धूप और पसीने के कारण सनबर्न, एक्ने, इन्फेक्शन आदि का खतरा बढ़ जाता है।
डॉ. प्रसाद ने बताया कि गर्मी में तापमान बढ़ने के कारण बाहर निकलने पर पसीने की चिपचिपाहट, एलर्जी और धूप के कारण सनबर्न की समस्या, दानें, मुहांसे, एक्ने आदि हो सकते हैं। इस समय सबसे ज्यादा सनबर्न, स्किन एलर्जी और दाने के मरीज आ रहे हैं। तेज धूप में रहने के कारण त्वचा झुलस जाती है।
क्या करें
धूप में बाहर जाने से पहले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।
सनबर्न की समस्या से निपटने के लिए हो सके तो सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक धूप में न निकलें । अगर निकलना जरूरी हो तो फुल आस्तीन के सूती कपड़े पहनें और सिर पर भी कॉटन का कपड़ा या कैप लगाकर ही निकलें। उन्होंने बताया कि सनबर्न या स्किन संक्रमण होने पर केमिकल युक्त ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें।
डॉ. प्रसाद ने बताया कि ज्यादा देर तक धूप में रहने और पसीने के कारण गर्दन, चेहरे और पीठ पर घमौरी हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि पसीने से मृत त्वचा और बैक्टीरिया स्किन पर मौजूद छिद्रों को ब्लॉक कर देते हैं जिसके कारण घमौरियों की समस्या और बढ़ जाती है।
गर्मियों में न होने दे पानी की कमी
गर्मी के मौसम में पसीने के रूप में शरीर से ज्यादा पानी निकलता है। ऐसे में शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए। शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी होता है क्योंकि शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी रहेगा तो स्किन समस्या होने की संभावना कम हो जाएगी। इन दिनों खीरा, टमाटर, संतरा, तरबूज, नींबू पानी का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए | तला हुआ भोजन कम करना चाहिए। ज्यादा पसीने से भीगे हुए कपड़े नहीं पहनने चाहिए।
डॉक्टर को जरूर दिखाएं
डॉ. प्रसाद ने बताया कि गर्मियों में साफ सफाई का ज्यादा ध्यान रखना चाहिए। सन बर्न या घमौरियां होने पर त्वचा पानी से या बर्फ से साफ कर सकते हैं लेकिन केमिकल युक्त किसी प्रोडक्ट का प्रयोग नहीं करना चाहिए। एक-दो दिनों में समस्या हल न हो तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए। घमौरियां या सन बर्न होने पर केमिकल प्रोडक्ट समस्या को और बढ़ा सकते हैं। घरेलू उपचार भी डॉक्टर की सलाह के अनुसार करना चाहिए।