रमज़ान:स्कूली मित्र और गुरुजनों की सलामती को दुआं
रमज़ान:स्कूली मित्र और गुरुजनों की सलामती को दुआं
बरेली। मोहल्ला ब्रह्मपुरा नई बस्ती के रहने वाले मासूस रोजदार रमज़ान की इबादत में मशगूल हैं,स्कूलों की छुट्टी में रमज़ान की इबादत कर कोरोना के मरीज़ो के लिये नन्हे रोजदार माँग रहे हैं शिफ़ा को दुआएं और देश की सलामती को दुआं। मदीहा फातिमा 5 वर्षीय सेंटमेरिया स्कूल में क्लास फस्ट की स्टूडेंट हैं,वे हर रोज़ सहरी के वक़्त अपने घर वालो को जगाती हैं और क़ुरआन ए पाक की तिलावत करती हैं,
अर्सलान अहमद 12 वर्षीय हार्डमेन में क्लास 7 के छात्र हैं और शादाब अली 14 वर्षीय जीपीएम में क्लास 10 के छात्र हैं,कोरोना के कारण सभी स्कूल बंद चल रहे हैं स्कूलों की छुट्टी के दौरान ही इन बच्चों ने कुरआन शरीफ़ पढ़ना सीख लिया और रमज़ान शरीफ़ के मुबारक महीने में अर्सलान और शादाब रोज़ा भी रखते हैं और अपनी छोटी बहन मदीहा के साथ कुरआन शरीफ़ की तिलावत भी करते हैं,शादाब ने रमज़ान में ही एक कुरआन शरीफ़ मुकम्मल कर चुके हैं और दूसरा शुरू कर दिया हैं, अर्सलान अबतक 19 पारे पढ़ चुके हैं।इन मासूम रोजदारों के वालिद शान अहमद मेडिकल लाइन से जुड़े हुए हैं और वो भी इस कोविड-19 के दिनों में ज़रूरतमन्दो की मदद में लगे हुए हैं।बच्चों ने बताया कि रमज़ान शरीफ़ बरकतों और दुआं को कुबूल करने वाला महीना हैं हम सब अल्लाह से दुआंए माँग रहे हैं कि हमारे स्कूल के दोस्त और गुरुजन सलामत रहें, कोविड-19 के चलते स्कूल बंद हैं इसलिए सबकी याद आती हैं,दुआं करते हैं सब सही हो और जल्द मिले साथ ही हमारा देश और देश में रहने वाले सलामत और खुशहाल रहे।