दूरदराज से बरेली पहुँचे साइकिल राइडर्स
दूरदराज से बरेली पहुँचे साइकिल राइडर्स
युवा पीढ़ी के लिए नए हौंसले की दे गए उड़ान
58 वर्षीय एके 47 कही जाने वाली दादी ने भी दिया युवतियों के लिए संदेश
बरेली। आज के युग में जहाँ युवा पीढ़ी महंगी ठार, बुलेट, फार्च्यून जैसी गाडियो के लिए भाग रहे हैं और कुछ युवा एवं बच्चे पपजी गेम याँ मोबाइल में घुसे हुए हैं उन लोगों को एक बड़ा सन्देश दे गए यह साइकिल राइडर्स मंगलवार को यह पाँच राइडर्स अपनी 600 किलोमीटर की राईड्स पूरी कर बरेली पहुँचे और बुद्धवार सुबह फिर 300 किलोमीटर की राईड्स पर जिम कार्बेट से वापसी के लिए रवाना हो गए बताते चले 200, 300, 400 व 600 की चार राईड्स मिलाकर एक एसआर माना जाता है और इनमें से 38 एसआर किए लोग भी शामिल हैं। बताते चलें बरेली के रविन्द्र सिंह ओबरॉय ने 2013 में संजीव जिंदल के साथ मिलकर साइक्लिंग शुरू की ओर बरेली रेन्डोवीयर्स के नाम से टीम खड़ी कर दी आज लगभग 80 लोग इनके साथ जुड़े हैं जो साइकिल चलाकर अपनी सेहद बना रहे हैं। इस वक्त आंध्रप्रदेश से 58 वर्षीय रेनू सिन्घी पहुँची जिन्होंने बताया कि उनके दो बेटे हैं जो शादीशुदा है और वह इस वक्त बच्चों की दादी भी है यह महिला लंदन में 1500 किलोमीटर साइकिल चलाकर एल ई एल कर चुकी है जो अभी तक इंडिया में किसी ने नहीं किया। रेनू सिन्घी कई यूनिवर्सिटी एवं मेडिकल कॉलेज की मालकिन है और वह एके-47 के नाम से जानी जाती है। वहीं आंध्र प्रदेश से प्रोफेसर भास्कर गॉड सुदगाजी भी आए थे जो 87000 किलोमीटर से अधिक साइकिल चला चुके हैं इन्होंने बताया कि 2021 से इन्होंने साइकिल चलानी शुरू की थी। पंजाब के पटियाला से आए कबर गिल ने बताया कि वह 100000 प्लस किलोमीटर की राइट कर चुके हैं जिसमें 38 एसआर भी है। यही दिल्ली से आए संजीव रतन भी 2019 से साइकिल चला रहे हैं तो इंदौर के अमित जयसवाल भी 2 एसआर कर चुके हैं।